डॉ. शशांक अग्रवाल
BAMS · आयुर्वेद विशेषज्ञ · Lake Ayurveda
डॉ. शशांक अग्रवाल पिछले 20 वर्षों से आयुर्वेदिक पद्धति से जोड़ों और मांसपेशियों की देखभाल में लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनका मानना है कि प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और सही दिनचर्या से शरीर को बेहतर महसूस कराया जा सकता है।
डॉ. शशांक के अनुसार: जोड़ों की तकलीफ में बहुत से लोग केवल दर्दनिवारक दवाओं पर निर्भर रहते हैं। लेकिन आयुर्वेद में ऐसे प्राकृतिक तरीके हैं जो सदियों से शरीर को सहारा देने के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं।
इस विशेष रिपोर्ट में हम डॉ. शशांक अग्रवाल से समझेंगे कि आयुर्वेद में जोड़ों की देखभाल को लेकर क्या कहा गया है — और लोग किन तरीकों की तरफ रुख कर रहे हैं।
20+वर्षों का अनुभव
5000+संतुष्ट ग्राहक
100%प्राकृतिक सामग्री
उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों में तकलीफ क्यों बढ़ती है?
आयुर्वेद में इसे "वात दोष" का असंतुलन माना जाता है। उम्र के साथ शरीर में रूखापन बढ़ता है जिससे जोड़ों में अकड़न और भारीपन महसूस हो सकता है। यह हर व्यक्ति में अलग-अलग तरीके से दिखता है।
जोड़ों में अकड़न और भारीपन — वात असंतुलन का प्रभाव
आयुर्वेद में "वात दोष" और जोड़ों का क्या संबंध है?
डॉ. शशांक बताते हैं — "आयुर्वेद के अनुसार शरीर में तीन दोष होते हैं — वात, पित्त और कफ। जोड़ों का सीधा संबंध वात दोष से है। जब यह असंतुलित होता है, तो जोड़ों में भारीपन, अकड़न और बेचैनी महसूस हो सकती है।"
वात असंतुलन के सामान्य संकेत जो लोग महसूस करते हैं:
जोड़ों में आवाज़ आना · सुबह उठने पर अकड़न · ठंड में बेचैनी बढ़ना · मांसपेशियों में खिंचाव · लंबे बैठने के बाद उठने में परेशानी
क्या तेल मालिश से जोड़ों को सहारा मिल सकता है?
आयुर्वेद में "अभ्यंग" यानी तेल मालिश को जोड़ों की देखभाल का एक पुराना और प्रचलित तरीका माना गया है। सही जड़ी-बूटियों से बना तेल त्वचा में समाकर मांसपेशियों को गर्माहट और आराम दे सकता है। हालांकि हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है।
जोड़ों की अकड़न में लोग क्या महसूस करते हैं?
डॉ. शशांक बताते हैं — "जो लोग हमारे पास आते हैं उनमें से अधिकतर कहते हैं कि सुबह उठने पर जोड़ों में जकड़न होती है जो धीरे-धीरे कम होती है। यह वात दोष का सामान्य प्रभाव है। सही देखभाल से बेहतर महसूस कराया जा सकता है।"
जोड़ों में Cartilage का घिसाव — सही देखभाल क्यों जरूरी है
रोज़ाना तेल मालिश — सही तरीका क्या है?
डॉ. शशांक के अनुसार — "रात को सोने से पहले गुनगुने तेल की मालिश का समय सबसे उपयुक्त माना गया है। इस समय शरीर आराम की अवस्था में होता है और तेल की जड़ी-बूटियाँ बेहतर तरह समा सकती हैं।"
- रात को सोने से पहले 5–10 मिनट मालिश करें
- तेल को हथेली पर लेकर हल्का गुनगुना करें
- गोलाकार motion में तकलीफ वाली जगह पर लगाएं
- 20–30 मिनट के लिए छोड़ें
- नियमित उपयोग से बेहतर अनुभव — हर व्यक्ति में समय अलग हो सकता है
किन लोगों को तेल मालिश फायदेमंद लग सकती है?
- जिन्हें सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न महसूस होती हो
- जो लंबे समय तक बैठने के बाद उठने में परेशानी महसूस करते हों
- जिन्हें ठंड में जोड़ों में भारीपन लगता हो
- जो मांसपेशियों में खिंचाव या थकान महसूस करते हों
- जो प्राकृतिक तरीकों से अपने जोड़ों की देखभाल करना चाहते हों
"आयुर्वेद में तेल मालिश को शरीर की देखभाल का सबसे पुराना और प्रचलित तरीका माना गया है। यह सदियों का अनुभव है। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है — इसलिए अनुभव भी अलग होता है।"
— डॉ. शशांक अग्रवाल, Lake Ayurveda, Noida
Ortho Fort Gold Oil — प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बना आयुर्वेदिक मालिश तेल
लोगों का अनुभव — उन्होंने क्या महसूस किया?
डॉ. शशांक बताते हैं — "हमारे पास जो लोग Ortho Fort Gold Oil का नियमित उपयोग करते हैं, उनमें से कई ने कहा कि रोज़मर्रा के काम पहले से बेहतर महसूस हुए। यह अनुभव हर व्यक्ति का अलग होता है।"
★★★★★
"कुछ हफ्तों से रात को मालिश कर रहा हूँ। सुबह उठने पर पहले जैसी अकड़न कम लगती है। बेहतर महसूस होता है।"
रमेश जी
वाराणसी, UP · 58 वर्ष
★★★★★
"घुटनों में भारीपन रहता था। नियमित मालिश के बाद बेहतर महसूस हो रहा है। सुबह की walk पहले से आसान लगती है।"
अमित जी
लखनऊ, UP · 45 वर्ष
असली लोगों का अनुभव — Ortho Fort Gold Oil के साथ
रामनाथ जी
Noida, UP · 62 वर्ष
★★★★★
"10 साल से जोड़ों में तकलीफ थी — पहले हफ्तों में ही कुछ बेहतर महसूस हुआ"
पिछले 10 सालों से घुटनों और कमर में तकलीफ रहती थी। सीढ़ियाँ चढ़ना भारी लगता था, कुर्सी से उठने में वक्त लगता था।
एक परिचित ने Lake Ayurveda के Ortho Fort Gold Oil के बारे में बताया। रात को मालिश शुरू की। कुछ हफ्तों बाद सुबह अकड़न थोड़ी कम लगने लगी।
अब नियमित मालिश जारी है। रोज़मर्रा के काम पहले से बेहतर लग रहे हैं। यह मेरा निजी अनुभव है — हर व्यक्ति का अलग हो सकता है।
सुबह की अकड़न कम महसूस हुई
रोज़मर्रा के काम बेहतर
नियमित मालिश जारी
पहले हफ्तों में अंतर
Video Review
रामनाथ जी का Video — अपने शब्दों में अनुभव
सुनिए उनका निजी अनुभव — Ortho Fort Gold Oil के साथ उनकी दिनचर्या कैसे बदली
रामनाथ जी — Noida, UP · 62 वर्ष
★★★★★
"Ortho Fort Gold Oil के साथ मेरी दिनचर्या — मेरा निजी अनुभव"
Ortho Fort Gold Oil — क्या है और कैसे बना है?
Lake Ayurveda का Ortho Fort Gold Oil पुरानी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के मिश्रण से तैयार किया गया है। इसमें कोई रासायनिक सामग्री नहीं है — यह एक प्राकृतिक मालिश तेल है जिसे बाहरी उपयोग के लिए बनाया गया है।
Lake Ayurveda — डॉ. शशांक अग्रवाल द्वारा संचालित
Ortho Fort Gold Oil
प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बना आयुर्वेदिक मालिश तेल
जोड़ों की मालिश के लिए विशेष रूप से तैयार। 100% प्राकृतिक सामग्री। कोई Chemical नहीं। बाहरी उपयोग के लिए।
गंधपुरानिर्गुण्डीदशमूल
रसनाअश्वगंधामहानारायण
अभी मंगवाएं — Free Delivery
डॉ. शशांक की सलाह — किन बातों का ध्यान रखें?
डॉ. शशांक कहते हैं — "ठंड में जोड़ों का विशेष ख्याल रखें। खानपान में संतुलन रखें और रात को सोने से पहले Ortho Fort Gold Oil से मालिश की आदत डालें। यह एक प्राकृतिक देखभाल की दिनचर्या है — इसका अनुभव हर व्यक्ति के शरीर और प्रकृति के अनुसार अलग हो सकता है।"
महत्वपूर्ण जानकारी:
यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। Ortho Fort Gold Oil एक आयुर्वेदिक मालिश तेल है — यह किसी बीमारी के निदान, उपचार या रोकथाम का दावा नहीं करता। हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।